❤️ कहानी: एक गलतफहमी और टूटा रिश्ता
शादी को शुरू हुए अभी ज़्यादा समय नहीं हुआ था, लेकिन लगता था जैसे सालों बीत गए हों। आरव और नंदिनी की शादी एक सामान्य अरेंज मैरिज थी—जहाँ शुरुआत में सब कुछ ठीक था, धीरे-धीरे अपनापन भी आने लगा था। छोटी-छोटी बातें, साथ में चाय पीना, शाम को टहलना—सब कुछ सामान्य और सुकून भरा था। लेकिन शायद यही सुकून ज़्यादा दिन टिकने के लिए नहीं बना था। एक दिन नंदिनी के फोन पर एक मैसेज आया। आरव ने यूँ ही देख लिया। “मिस यू।” बस दो शब्द। पर उन दो शब्दों ने उसके मन में सौ सवाल खड़े कर दिए। “कौन है ये?” उसने सीधा पूछा। नंदिनी थोड़ी घबरा गई, फिर बोली— “ऑफिस का दोस्त है… बस मज़ाक में लिखा होगा।” आरव ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उसके मन में शक का बीज पड़ चुका था। उस दिन के बाद सब कुछ बदलने लगा। आरव अब हर छोटी बात पर ध्यान देने लगा— फोन कब आता है, कौन कॉल करता है, कब हँसती है, कब चुप रहती है। नंदिनी को ये सब अजीब लगने लगा। “तुम मुझ पर भरोसा नहीं करते?” उसने एक दिन गुस्से में पूछा। आरव ने जवाब दिया— “अगर भरोसा होता, तो ये सवाल ही नहीं उठता।” बस, यहीं से दूरी शुरू हो गई। बातें कम होने लगीं, खामोशियाँ ...