एक छोटी-सी बात दिल पर लग गई

 आज सुबह सब normal था। बस घर में एक छोटी सी बात को लेकर बहस हो गई।

असल में बात कुछ खास नहीं थी, पर शायद मन पहले से भरा हुआ था… इसलिए दिल पर लग गई।
कई बार सोचता/सोचती हूँ कि हम सब अंदर से इतने थके हुए रहते हैं कि छोटी चीजें भी चोट कर देती हैं।
किससे कहूँ, क्या कहूँ — समझ नहीं आया।
बस लगा यहाँ लिख दूँ तो शायद मन हल्का हो जाए।

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